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दीपोत्सव के पहले 20 अक्टूबर, गुरुवार को 05 योग के संयोग से 21 घंटे का
पुष्य नक्षत्र आने से इस बार गुरु-पुष्य का शुभयोग बन रहा है। इस दिन
सर्वार्थसिद्धि, अमृत सिद्धि योग के साथ ही सूर्य-बुध का बुधादित्य और
गजकेसरी योग भी है।
एक ही दिन ये पांच शुभ योग बनना सभी के लिए लाभकारी/फायदेमंद है। दीपावली
के पहले खरीदी के लिए पुष्य नक्षत्र का खास महत्व माना है। पुष्य नक्षत्र
को नक्षत्रों का रजा मन जाता हें..यह २७ नक्षत्रों में श्रेष्ठ हें..
इस दिन घर में नई वस्तुएं लाने से घर पर महालक्ष्मी की विशेष कृपा रहती है।
क्यों हें यह योग और नक्षत्र शुभ/लाभकारी---
इस दिन गुरु-पुष्य के साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र, सर्वार्थसिद्धि, अमृत
सिद्धि, बुधादित्य( एक अनुपम योग जो अत्यंत फलदायी हे) और गजकेसरी
योग(खरीददारी और करियर/व्यवसाय के लिए श्रेष्ठ ) आने से इस दिन का
महत्त्व और भी बढ़ गया हें...
यह योग 20 अक्टूबर को प्रातः 10 :50 से 21 अक्टूबर ,2011 की सुबह 06 बजकर
25 मिनट तक ये शुभ योग रहेगा ...अर्थात लगभग 21 घंटे तक..
इस दुर्लभ योग में हम आपके लिए लाये है ,महालक्ष्मी की कृपा प्राप्ति
हेतु श्री यन्त्र जो इस विशेष मुहूर्त में ११००० हजार श्री सूक्त के पाठो
दुवारा २१ घंटे निरंतर यह यन्त्र अभिमंत्रित होगा !
इस यंत्र को अपने रोजगार के स्थान पर स्थापित कर सकते है !
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