स्वस्तिक ओर सूर्य

सूर्य और स्वस्तिक
सूर्य देव अनेक नामो वाले प्रत्यक्ष देव है ,
यह अपनी पृथ्वी को ही नहीं अपितु अपने विशाल परिवार जिसमें गृह नक्श्तर आदि प्रमुख हैं अक सञ्चालन करते हैं
स्वस्तिक का अर्थ है >>सुख,और आनंद देने वाला चतुष्पथ चोराहा .
सूर्य और स्वस्तिक का कितना गहरा सम्बन्ध है यह इस से सोपस्ट हो जाता है देवत गोल और नक्श्तर मार्ग में से चारो दिशाओं के देवताओं से स्वस्तिक बनता है और इस मार्ग में आने वाले सभी देवी देव भी हमें स्वस्ति प्रदान करते हैं . वेदों में इसका लेख बहुत देखने को मिलता है
स्वस्तिक का बहुत ही महत्व है , इससे सुख,वैभव,यश,लक्ष्मी , कीर्ति और आनंद मिलता है, और हर शुभ कार्य में स्वस्तिक को प्रथम और प्रमुख स्थान प्राप्त होता है, वैदिक युग से ही इनकी सर्व मान्यता पाई और देखी जाती है,
शेष फिर >>>>>>>
वास्तु आचार्य
अवतार सिंह
09013203040

Comments