नाड़ी दोष में नहीं होने चाहिए विवाह कुंडली ही नहीं, रक्त परीक्षण भी जरूरी
जो माँ-बाप लड़के/ लड़की को गोद लेते हैं।
विवाह में उन्हीं का नाम व् गोत्र आता है।
ज्योतिष के अनुरूप यदि एक ही रक्त समूह वाले वर-कन्या का विवाह हो जाए तो उनकी होने वाली संतान विकलांग पैदा हो सकती है। कुछ प्रमाण राजस्थान अलवर के पास देखने को मिले हैं . बेशक माँ बाप की कुंडली की सत्यता पर प्रशन चिन्ह है अतः
नाड़ी दोष में नहीं होने चाहिए विवाह
कुंडली ही नहीं, रक्त परीक्षण भी जरूरी
वास्तु आचार्य
9013203040
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