ग्रहों का भोग्य काल :
सूर्य २२ से २४ साल अस्थि
चन्द्र २४ से २५ साल रुधिर
मंगल २८ से ३२ साल मॉस मज्जा
बुध ३२ से ३६ साल चमड़ी
गुरु १६ से २२ साल चर्बी
शुक्र २५ से २८ साल वीर्य
शनि ३६ से ४२ साल शनी,राहु और केतु नसों के अधिपति {विषम राशि में नष्ट }
राहु ४२ से ४८ साल
केतु ४८ से ५४ साल
पप्पी पंचांग >>>>प/१७९
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ग्रहों के दोष नाशक गृह
राहु का दोष्नाशक बुध, राहु और बुध का नाशक शनि, शनि राहु और बुध का नाशक मंगल, मंगल,राहु, बुध शनि इन चरों का नाशक शुक्र , शुक्र राहु बुध शनि मंगल का नाशक गुरु, गुरु,राहु,बुध, शनि,मंगल और शुक्र का नाशक चन्द्र ,, सभी ग्रहों का दोष नाश सूर्य के बलवान होने से होगा .
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